
PM Kisan Installment Payment Stopped by State : हाल ही में अनेक किसानों को मोबाइल संदेश या पोर्टल पर सूचना प्राप्त हुई है कि उनका पीएम-किसान योजना के अंतर्गत मिलने वाला भुगतान अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। संदेश में उल्लेख किया गया है कि मामला “वर्तमान और पूर्व दोनों भू-स्वामियों द्वारा पीएम-किसान लाभ प्राप्त करने” के संदेह से संबंधित है और यह सत्यापन (Verification) के अधीन है। ऐसी स्थिति प्रायः तब उत्पन्न होती है जब भूमि का स्वामित्व परिवर्तन हो चुका होता है, परंतु सरकारी अभिलेखों में उसका अद्यतन (Update) समय पर नहीं हो पाता। इस लेख में हम इस समस्या के कारण, जांच प्रक्रिया, कानूनी पक्ष, व्यावहारिक समाधान तथा आवश्यक सावधानियों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
और दोस्तों जैसे ही अपने पीएम किसान सम्मन निधि योजना कहां पर स्टेटस देखे तो आपको इंग्लिश में यह लिखा आता होगा your payment is temporarily stopped as you are under suspected case of “both the current and previous landowners receiving pm-kisan benefits”. the case is under verification. kindly contact your nearest concerned department office for further assistance..
तो चलिए जानते हैं आज के आर्टिकल में इसके बारे में विस्तार से..
पीएम-किसान योजना क्या है ?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना भारत सरकार की एक प्रमुख केंद्रीय योजना है, जिसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को प्रति वर्ष ₹6000 की सहायता राशि तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली के माध्यम से सीधे किसान के बैंक खाते में जमा की जाती है।
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान का नाम भूमि रिकॉर्ड में दर्ज होना आवश्यक है। साथ ही आधार सत्यापन, बैंक खाता विवरण और अन्य व्यक्तिगत जानकारी का सही होना भी अनिवार्य है। सरकार समय-समय पर डिजिटल भूमि अभिलेखों और लाभार्थी डेटा का मिलान करती रहती है ताकि अपात्र व्यक्तियों को लाभ न मिले।
भुगतान रुकने का मुख्य कारण
भुगतान रुकने का प्रमुख कारण भूमि रिकॉर्ड में विसंगति (Mismatch) या स्वामित्व परिवर्तन के बाद भी पुराने भू-स्वामी द्वारा लाभ प्राप्त करना हो सकता है। जब एक ही भूमि पर दो व्यक्तियों के नाम लाभार्थी सूची में पाए जाते हैं, तो प्रणाली इसे संदिग्ध मानकर भुगतान रोक देती है।
यह कदम इसलिए उठाया जाता है ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग न हो और केवल वास्तविक एवं पात्र किसान को ही योजना का लाभ मिल सके।
संभावित कारण:
- भूमि का हाल ही में क्रय-विक्रय (Sale/Purchase) होना।
- भूमि नामांतरण (Mutation) की प्रक्रिया लंबित या अपूर्ण होना।
- पुराने भू-स्वामी का नाम अभी भी राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज होना।
- एक ही खसरा/खाता संख्या पर दो लोगों का लाभार्थी के रूप में पंजीकरण।
- आधार संख्या का गलत लिंक होना या ई-केवाईसी (e-KYC) पूर्ण न होना।
- बैंक खाता विवरण में त्रुटि या निष्क्रिय खाता।
- परिवार के सदस्यों द्वारा अलग-अलग आवेदन कर देना, जबकि भूमि एक ही हो।
सत्यापन प्रक्रिया कैसे होती है?
जब सिस्टम में विसंगति पाई जाती है, तो संबंधित मामला “Under Verification” श्रेणी में डाल दिया जाता है। इसके बाद निम्न प्रक्रिया अपनाई जाती है:
- राज्य सरकार का राजस्व विभाग संबंधित भूमि रिकॉर्ड की जांच करता है।
- डिजिटल भूमि अभिलेखों का मिलान पीएम-किसान पोर्टल के डेटा से किया जाता है।
- यदि दो व्यक्तियों द्वारा एक ही भूमि पर दावा पाया जाता है, तो दोनों के रिकॉर्ड की जांच की जाती है।
- आवश्यक होने पर स्थानीय स्तर पर लेखपाल/पटवारी द्वारा भौतिक सत्यापन (Field Verification) किया जाता है।
- जांच पूरी होने तक संबंधित किस्त का भुगतान रोक दिया जाता है।
- जांच रिपोर्ट के आधार पर पात्र व्यक्ति को पुनः भुगतान स्वीकृत किया जाता है और अपात्र व्यक्ति का नाम सूची से हटाया जा सकता है।
यह पूरी प्रक्रिया राज्य के अनुसार कुछ सप्ताह से लेकर कुछ महीनों तक चल सकती है।
कानूनी और प्रशासनिक पक्ष
भूमि स्वामित्व का प्रमाण राजस्व अभिलेखों पर आधारित होता है। यदि नामांतरण विधिवत रूप से नहीं हुआ है, तो कानूनन पूर्व भू-स्वामी का नाम रिकॉर्ड में बना रहता है। ऐसे में तकनीकी रूप से वही व्यक्ति पात्र माना जा सकता है। इसलिए भूमि क्रय-विक्रय के बाद रजिस्ट्री के साथ-साथ नामांतरण कराना अत्यंत आवश्यक है।
यदि किसी व्यक्ति ने भूमि बेचने के बाद भी योजना का लाभ लिया है, तो भविष्य में उससे राशि की वसूली (Recovery) भी की जा सकती है। अतः पारदर्शिता और सही जानकारी देना प्रत्येक किसान की जिम्मेदारी है।
समाधान: क्या करें?
यदि आपका भुगतान रोका गया है, तो घबराने के बजाय व्यवस्थित रूप से निम्नलिखित कदम उठाएँ:
1. नजदीकी संबंधित विभाग से संपर्क करें
अपने क्षेत्र के कृषि विभाग, लेखपाल, पटवारी या तहसील कार्यालय में जाकर स्थिति की जानकारी लें। कई बार छोटी त्रुटि मौके पर ही सुधार दी जाती है।
ध्यान दें :- आपको अपना आधार कार्ड बैंक की पासबुक और खतौनी की नकल अपने विभाग में जरूर दिखाएं जिससे आपको पीएम किसान सम्मन निधि योजना की किस्त्रों के जाने का सही कारण पता चल पाएगा उसके बाद उसको हिसाब से दस्तावेज को जमा करें आपकी जो भी किस्त रह चुकी होगी पुरानी को एक साथ आपके बैंक खाते में क्रेडिट कर दी जाएगी अधिक जानकारी के लिए हमें संपर्क जरूर करें…
2. आवश्यक दस्तावेज साथ ले जाएँ
- भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र (खसरा/खतौनी की नवीनतम प्रति)
- नामांतरण प्रमाण पत्र (Mutation Certificate)
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक की प्रति
- भूमि क्रय-विक्रय की रजिस्ट्री (यदि हाल ही में खरीदी/बेची गई हो)
- पीएम-किसान पंजीकरण संख्या
3. भूमि रिकॉर्ड अपडेट कराएँ
यदि नामांतरण लंबित है, तो तुरंत उसकी प्रक्रिया पूर्ण कराएँ। राजस्व विभाग में आवेदन देकर रिकॉर्ड अपडेट कराना आवश्यक है। रिकॉर्ड अपडेट होने के बाद ही योजना का लाभ सुचारु रूप से मिल सकेगा।
4. ई-केवाईसी और आधार सत्यापन पूरा करें
पीएम-किसान पोर्टल या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से e-KYC अवश्य पूर्ण करें। कई बार केवल आधार सत्यापन लंबित होने के कारण भी भुगतान अटक जाता है।
5. पीएम-किसान पोर्टल पर स्थिति जांचें
आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर “Beneficiary Status” में अपनी स्थिति देखें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि दिख रही हो तो सुधार के लिए आवेदन करें।
6. शिकायत दर्ज करें
यदि स्थानीय स्तर पर समस्या का समाधान न हो, तो जिला कृषि अधिकारी, राज्य कृषि विभाग या पीएम-किसान हेल्पलाइन पर लिखित शिकायत दर्ज करें। शिकायत संख्या सुरक्षित रखें ताकि भविष्य में संदर्भ दिया जा सके।
महत्वपूर्ण सावधानियाँ
- भूमि खरीदने के तुरंत बाद नामांतरण प्रक्रिया पूरी कराएँ।
- अपने आधार और बैंक खाते को सक्रिय एवं लिंक रखें।
- गलत या भ्रामक जानकारी देकर योजना का लाभ लेने का प्रयास न करें।
- यदि आप पूर्व भू-स्वामी हैं और भूमि बेच चुके हैं, तो स्वयं योजना से नाम हटाने के लिए आवेदन करें।
- परिवार के भीतर भूमि विभाजन होने पर अलग-अलग रिकॉर्ड अपडेट कराएँ।
निष्कर्ष
“वर्तमान और पूर्व दोनों भू-स्वामियों द्वारा पीएम-किसान लाभ प्राप्त करने” की स्थिति मुख्यतः भूमि रिकॉर्ड में समय पर अद्यतन न होने के कारण उत्पन्न होती है। यह सरकार द्वारा की जाने वाली एक नियमित सत्यापन प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य केवल वास्तविक और पात्र किसान को ही लाभ प्रदान करना है। अतः यदि आपका भुगतान अस्थायी रूप से रोका गया है तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। संबंधित विभाग से संपर्क कर, आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर और भूमि रिकॉर्ड को अद्यतन कराकर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। सही जानकारी, समय पर कार्रवाई और जागरूकता ही इस प्रकार की समस्याओं से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।