EPFO New Circular : EDLI के Section 17(2A) और Section 17(2B) में बड़ा बदलाव..

EPFO New Circular : भारत में EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए कई योजनाएँ चलाता है। इन्हीं में से एक है EDLI Scheme, 1976, जिसके तहत कर्मचारियों के निधन की स्थिति में उनके परिवार को बीमा जैसा लाभ मिलता है। कुछ संस्थान इस योजना से छूट (Exemption) लेना चाहते हैं और अपनी खुद की बीमा योजना लागू करते हैं। इसी छूट की प्रक्रिया को समझाने के लिए EPFO ने 3 नवंबर 2025 को एक Circular जारी किया।

इस Circular में बताया गया है कि EDLI छूट दो अलग-अलग तरह की होती है—पूरे संस्थान के लिए छूट और केवल कर्मचारियों के एक वर्ग के लिए छूट। इसे सही ढंग से पहचानना और उसी अनुसार आवेदन करना बहुत जरूरी है।

Join Whatsapp Channel
Join Telegram channel
EPFO New Circular
EPFO New Circular

🔹 1. Circular का मुख्य उद्देश्य

EPFO के इस Circular का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य यह है कि संस्थानों को स्पष्ट जानकारी मिल सके कि उन्हें EDLI छूट कैसे और किस Section के अंतर्गत मिल सकती है।

1. पूरे संस्थान के लिए छूट — Section 17(2A)

अगर संस्थान अपनी पूरी वर्कफोर्स पर EDLI की जगह कोई और बीमा योजना लागू करना चाहता है, तो उसे Section 17(2A) के तहत छूट लेनी होगी।

इसमें:

  • सभी कर्मचारी—नियमित, कॉन्ट्रैक्ट वर्कर, और दैनिक वेतनभोगी—सब शामिल होना चाहिए।
  • नई बीमा योजना का लाभ कम से कम EDLI जितना अच्छा होना चाहिए।
  • कर्मचारियों की बहुसंख्यक सहमति भी जरूरी है।

2. केवल किसी एक वर्ग के लिए छूट — Section 17(2B)

अगर संस्थान केवल Regular Employees जैसे किसी एक वर्ग को ही अलग बीमा योजना देना चाहता है, और बाकी कर्मचारियों पर EDLI ही लागू रखना चाहता है, तो यह मामला Section 17(2B) में आता है।

इसमें:

  • सभी कर्मचारियों को शामिल करना जरूरी नहीं।
  • ऐसे मामलों में Addl. CPFC (Zone) सीधे छूट दे सकते हैं, Head Office की जरूरत नहीं होती।

🔹 2. यह नया Circular क्यों जरूरी था?

EPFO ने देखा कि छूट से जुड़े बहुत से आवेदन गलत Section में भेजे जा रहे थे, जिससे:

  • मामलों में देरी हो रही थी,
  • कई आवेदन बार-बार वापस भेजने पड़ रहे थे,
  • और हजारों फाइलें लंबित रह रही थीं।

कई संस्थान सिर्फ नियमित कर्मचारियों के लिए छूट मांगते थे लेकिन Section 17(2A) के तहत आवेदन भेज देते थे, जो गलत था। इसी भ्रम को दूर करने के लिए यह परिपत्र जारी किया गया।


🔹 3. आवेदन में आम गलतियाँ — जिन पर EPFO ने ध्यान दिया

EPFO की समीक्षा में कई साधारण लेकिन गंभीर गलतियाँ सामने आईं:

केवल Regular Employees को शामिल करना

लेकिन EDLI सभी कर्मचारियों पर लागू होती है। इसलिए यह Section 17(2A) नहीं, बल्कि Section 17(2B) में आता है।

Benefit Comparison Statement न देना

EPFO यह देखना चाहता है कि नई बीमा योजना कर्मचारियों को कम लाभ न दे। Comparison न होने से आवेदन अधूरा माना जाता है।

Majority Consent न लगाना

यदि संस्थान सभी कर्मचारियों के लिए छूट चाहता है, तो उनकी सहमति अनिवार्य है।

EO (Enforcement Officer) रिपोर्ट न देना

यह रिपोर्ट आवेदन की सत्यता की पुष्टि करती है। इसकी कमी आवेदन को अधूरा बना देती है।


🔹 4. Section 17(2A) और Section 17(2B) का सरल अंतर

नीचे दी गई तालिका इनके बीच का अंतर आसानी से समझाती है:

विषयSection 17(2A)Section 17(2B)
लागू होता हैपूरे संस्थान परकिसी एक वर्ग पर
शामिल कर्मचारीसभी कर्मचारीसिर्फ एक वर्ग
स्वीकृतिHead OfficeAddl. CPFC (Zone)
छूट का प्रकारपूरी तरह से छूटआंशिक, वर्ग आधारित छूट
छूट की तिथिआगे या पीछे की दोनोंआगे या पीछे की दोनों

🔹 5. EDLI छूट के लिए आवेदन प्रक्रिया — आसान चरण

EPFO ने आवेदन की प्रक्रिया को 5 चरणों में समझाया है:

चरण 1: RPFC (Region) द्वारा जाँच

  • RPFC देखता है कि आवेदन पूरा है या नहीं।
  • तय करता है कि आवेदन Section 17(2A) या 17(2B) में आता है।

चरण 2: जरूरी दस्तावेज़ जोड़ना

आवेदन के साथ ये दस्तावेज़ ज़रूरी हैं:

  • Group Insurance Policy
  • Premium Payment Receipts
  • Majority Consent
  • Benefit Comparison Statement
  • सभी कर्मचारियों को शामिल करने का Declaration (केवल 17(2A) में)
  • EO रिपोर्ट

चरण 3: Addl. CPFC (Zone) की समीक्षा

  • आवेदन किस Section में आता है, यह तय करते हैं।
  • 17(2B) वाले आवेदन पर वे खुद छूट दे देते हैं।
  • 17(2A) के मामले Head Office को भेजते हैं।

चरण 4: Head Office को भेजना (यदि मामला 17(2A) का है)

  • सारी फाइल डिजिटल रूप में भेजी जाती है।
  • Physical files भेजने की जरूरत नहीं।

चरण 5: अंतिम निर्णय

  • Head Office छूट मंजूर कर देता है।
  • आदेश संस्थान को भेज दिया जाता है।

🔹 6. EPFO के मुख्य निर्देश — समय सीमा और निगरानी

परिपत्र में कुछ महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए गए हैं:

सभी लंबित फाइलें 30 नवंबर 2025 तक निपटानी होंगी।

📊 Revised ECR लागू होने के बाद सही वर्ग चुनना बहुत जरूरी है।

🏢 Head Office पूरी प्रक्रिया पर नज़र रखेगा।


🔹 7. निष्कर्ष — इस Circular से क्या लाभ हुआ ?

यह Circular EDLI छूट प्रक्रिया को:

  • ज्यादा साफ,
  • ज्यादा तेज,
  • और ज्यादा भरोसेमंद बनाता है।

अब संस्थान आसानी से समझ सकते हैं कि उन्हें किस Section में आवेदन करना चाहिए, और कर्मचारी भी यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उन्हें पूरा लाभ मिले।

कुल मिलाकर, यह परिपत्र कर्मचारियों की सुरक्षा और संस्थानों की सुविधा, दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा।

दोस्तों अगर आपकी PF संबंधी कोई समस्या हो तो आप हमें कमेंट जरुर कीजिए और हमसे बात करने के लिए हमारे इंस्टाग्राम अकाउंट ( EPFMANOJGYAN ) पर जरूर कांटेक्ट कीजिए धन्यवाद…

Leave a Comment

Translate »
Minimum Wage Guarantee : श्रमिकों को मोदी सरकार का नया तोहफा… देश में नया श्रम कानून लागू, Gateway esic : ESIC Account Login Process क्या है, और इसके फायदे क्या है.? maiya samman yojana : मैया सम्मान योजना की लिस्ट कैसे चेक करें?