
IGNOAPS Scheme : इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (आईजीएनओएपीएस) भारत सरकार द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है, जो राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के अंतर्गत लागू की जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के उन वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है जो गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवनयापन कर रहे हैं और जिनकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है। वृद्धावस्था में आय के सीमित या समाप्त स्रोत के कारण कई नागरिकों को दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में कठिनाई होती है। ऐसे में यह योजना उन्हें न्यूनतम वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।
यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू है तथा इसका प्रशासन ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा किया जाता है। योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह निश्चित पेंशन राशि सीधे उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है, जिससे पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित होता है।
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) क्या है?
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को भारत सरकार द्वारा एक पूर्णतः केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में की गई थी। इसका उद्देश्य समाज के कमजोर, निराश्रित और आर्थिक रूप से असुरक्षित वर्गों को न्यूनतम सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
निराश्रित से आशय ऐसे व्यक्ति से है जिसके पास स्वयं की आय का नियमित साधन उपलब्ध नहीं है और न ही परिवार या अन्य स्रोतों से पर्याप्त आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा पात्र व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें इस कार्यक्रम के अंतर्गत लाभ प्रदान किया जाता है।
NSAP भारतीय संविधान में निहित राज्य नीति के निदेशक सिद्धांतों की भावना के अनुरूप कार्य करता है। इसका उद्देश्य नागरिकों के लिए जीवनयापन के पर्याप्त साधन सुनिश्चित करना, जीवन स्तर में सुधार करना और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना है।
NSAP की पाँच उप-योजनाएँ
वर्तमान में राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत निम्नलिखित पाँच प्रमुख योजनाएँ संचालित की जा रही हैं:
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS)
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS)
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांग पेंशन योजना (IGNDPS)
- राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (NFBS)
- अन्नपूर्णा योजना
इन सभी योजनाओं का उद्देश्य समाज के विभिन्न कमजोर वर्गों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS) – विस्तृत विवरण
योजना का उद्देश्य
- वृद्ध नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना।
- वृद्धावस्था में सम्मानजनक जीवन जीने में सहायता प्रदान करना।
- गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को नियमित आय का साधन उपलब्ध कराना।
- सामाजिक सुरक्षा के न्यूनतम राष्ट्रीय मानकों को सुनिश्चित करना।
पात्रता (Eligibility Criteria)
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित शर्तों का पूरा होना आवश्यक है:
- आवेदक भारत का स्थायी नागरिक हो।
- आवेदक की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक हो।
- आवेदक का नाम गरीबी रेखा से नीचे (BPL) सूची में शामिल हो।
- आवेदक किसी अन्य समान सरकारी पेंशन योजना से लाभ प्राप्त न कर रहा हो (राज्य के नियमों के अनुसार)।
पेंशन राशि (केंद्र सरकार अंशदान)
- 60 वर्ष से 79 वर्ष तक: ₹200 प्रति माह
- 80 वर्ष या उससे अधिक आयु: ₹500 प्रति माह
ध्यान दें कि कई राज्य सरकारें केंद्र सरकार की निर्धारित राशि के अतिरिक्त अपनी ओर से भी अतिरिक्त पेंशन प्रदान करती हैं। इसलिए वास्तविक प्राप्त राशि राज्य के अनुसार भिन्न हो सकती है।
आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step Guide)
नीचे आवेदन की पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से दी गई है:
चरण 1: पात्रता की पुष्टि करें
सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है तथा आप BPL श्रेणी में शामिल हैं। यदि आपके पास बीपीएल राशन कार्ड या संबंधित प्रमाण उपलब्ध है तो उसे तैयार रखें।
चरण 2: आवश्यक दस्तावेज एकत्र करें
आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखें:
- आधार कार्ड
- आयु प्रमाण पत्र (जन्म प्रमाण पत्र/मतदाता पहचान पत्र आदि)
- बीपीएल राशन कार्ड
- बैंक पासबुक की प्रति
- पासपोर्ट साइज फोटो
- निवास प्रमाण पत्र (यदि आवश्यक हो)
चरण 3: आवेदन फॉर्म प्राप्त करें
- ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, ब्लॉक कार्यालय या नगर निकाय से आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
- कई राज्यों में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है।
चरण 4: आवेदन फॉर्म भरें
फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सावधानीपूर्वक और सही भरें। किसी भी प्रकार की गलत जानकारी आवेदन अस्वीकृत होने का कारण बन सकती है।
चरण 5: दस्तावेज संलग्न कर जमा करें
भरे हुए आवेदन फॉर्म के साथ आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियाँ संलग्न करें और संबंधित कार्यालय में जमा करें। आवेदन की रसीद अवश्य प्राप्त करें।
चरण 6: सत्यापन प्रक्रिया
स्थानीय प्रशासन द्वारा आपके दस्तावेजों और पात्रता की जांच की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर फील्ड वेरिफिकेशन भी किया जा सकता है।
चरण 7: स्वीकृति एवं पेंशन भुगतान
सत्यापन पूर्ण होने के बाद पात्र लाभार्थियों की सूची जारी की जाती है। स्वीकृति मिलने पर पेंशन राशि सीधे बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से जमा की जाती है।
योजना के प्रमुख लाभ
- वृद्ध नागरिकों को नियमित आर्थिक सहायता मिलती है।
- सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा में वृद्धि होती है।
- पारदर्शी भुगतान प्रणाली के कारण भ्रष्टाचार की संभावना कम होती है।
- बैंक खाते में सीधा हस्तांतरण, जिससे समय पर भुगतान सुनिश्चित होता है।
- समाज के कमजोर वर्ग को सम्मानजनक जीवन जीने में सहायता मिलती है।
महत्वपूर्ण सावधानियाँ
- आवेदन करते समय सभी दस्तावेज सही और अद्यतन होने चाहिए।
- बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए (यदि राज्य के नियमों के अनुसार आवश्यक हो)।
- समय-समय पर अपनी पात्रता और पेंशन की स्थिति की जांच करते रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. इस योजना का लाभ कौन ले सकता है?
60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वे नागरिक जो बीपीएल श्रेणी में आते हैं, इस योजना के लिए पात्र हैं।
Q2. 80 वर्ष के बाद कितनी पेंशन मिलती है?
80 वर्ष या उससे अधिक आयु होने पर केंद्र सरकार की ओर से ₹500 प्रति माह प्रदान किए जाते हैं। राज्य सरकारें अतिरिक्त राशि दे सकती हैं।
Q3. क्या शहरी क्षेत्र के निवासी भी आवेदन कर सकते हैं?
हाँ, यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू है।
Q4. आवेदन की स्थिति कैसे जांचें?
आवेदन की स्थिति संबंधित ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय या राज्य की आधिकारिक सामाजिक सुरक्षा वेबसाइट पर जांची जा सकती है।
Q5. पेंशन राशि कब तक मिलती है?
जब तक लाभार्थी पात्रता मानदंडों को पूरा करता है, तब तक पेंशन जारी रहती है।
Q6. यदि पेंशन बंद हो जाए तो क्या करें?
निकटतम पंचायत/नगर निकाय कार्यालय में संपर्क कर कारण की जानकारी प्राप्त करें और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें।
निष्कर्ष
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना देश के गरीब और जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा पहल है। यह योजना वृद्धावस्था में आर्थिक सहारा प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने में सहायता करती है। पात्र नागरिकों को चाहिए कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर आवेदन करें और इस योजना का लाभ उठाएँ। सामाजिक सुरक्षा की दिशा में यह योजना एक महत्वपूर्ण कदम है, जो देश के लाखों वृद्ध नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है।