
PF Withdrawal Rules : सरकार और EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) समय-समय पर PF Withdrawal Rules में बदलाव करती रहती है, ताकि PF members को ज्यादा सुविधा और fast service मिल सके। हाल ही में PF Withdrawal से जुड़े new rules को लेकर काफी चर्चा हो रही है। ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल है – PF Withdrawal के नए नियम कब से लागू होंगे ?
भारत में नौकरी करने वाले लोगों के लिए PF (Provident Fund) भविष्य की बचत का एक अहम हिस्सा होता है। साल 2025 में EPFO ने PF Withdrawal से जुड़े कई नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों का मकसद प्रक्रिया को आसान बनाना और रिटायरमेंट की बचत को सुरक्षित रखना है। हालांकि, सभी सुविधाएँ एक साथ लागू नहीं हुई हैं और कुछ सुविधाएँ मार्च 2026 तक शुरू होंगी।
नीचे इस विषय को एक ऐसे स्तर पर समझाया गया है, जिसे हाई स्कूल का छात्र भी आसानी से समझ सके।
1. नए PF Withdrawal नियम कब से लागू हुए?
EPFO ने अक्टूबर–नवंबर 2025 से नए PF Withdrawal नियमों को धीरे-धीरे लागू करना शुरू किया। इसी समय EPFO बोर्ड की बैठकों में इन बदलावों को मंजूरी दी गई।
यह समझना जरूरी है कि सभी बदलाव एक साथ लागू नहीं हुए हैं। ATM या UPI से PF निकालने जैसी डिजिटल सुविधाएँ अभी पूरी तरह शुरू नहीं हुई हैं। सरकार का कहना है कि ये सुविधाएँ मार्च 2026 तक लागू कर दी जाएँगी।
2. 2025 में PF Withdrawal से जुड़े मुख्य बदलाव
2025 के दौरान लागू किए गए प्रमुख बदलाव नीचे दिए गए हैं:
1. PF Withdrawal नियम अब आसान हैं
पहले PF निकालने के लिए लगभग 13 अलग-अलग नियम थे। अब इन्हें घटाकर केवल 3 मुख्य श्रेणियों में बाँट दिया गया है:
- Essential Needs – जैसे बीमारी, पढ़ाई या शादी
- Housing Needs – घर खरीदने या घर बनाने के लिए
- Special Circumstances – जैसे नौकरी चले जाना
इससे लोगों के लिए यह समझना आसान हो गया है कि वे किस कारण से PF निकाल सकते हैं।
2. Partial Withdrawal के नियम सरल
अब PF से कुछ हिस्सा निकालने (Partial Withdrawal) के लिए केवल 12 महीने की नौकरी पूरी होना जरूरी है। पहले कई मामलों में ज्यादा समय तक नौकरी की शर्त थी, जिसे अब कम कर दिया गया है।
3. नौकरी जाने पर 75% PF निकालने की सुविधा
अगर किसी कर्मचारी की नौकरी चली जाती है, तो:
- वह तुरंत 75% तक PF निकाल सकता है
- बाकी 25% PF एक साल बाद निकाला जा सकता है
इस नियम से बेरोज़गारी के समय आर्थिक मदद जल्दी मिलती है।
4. Minimum Balance Rule
अब PF खाते में कम से कम 25% राशि बचाकर रखना जरूरी है। इसका उद्देश्य यह है कि पूरी रकम समय से पहले खत्म न हो और रिटायरमेंट के लिए कुछ बचत बनी रहे।
5. EPS (Pension) से जुड़े नए नियम
EPS यानी Employee Pension Scheme में भी बदलाव किया गया है:
- अब पेंशन निकालने के लिए 36 महीने (3 साल) तक बेरोज़गार होना जरूरी है
- पहले यह अवधि केवल 2 महीने थी
इस बदलाव का उद्देश्य पेंशन फंड को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है।
6. Employer Contribution निकालने की सुविधा
कुछ स्थितियों में अब PF का आंशिक पैसा निकालते समय Employee और Employer दोनों का Contribution शामिल किया जा सकता है। हालांकि, यह सुविधा Minimum Balance Rule और अन्य शर्तों पर निर्भर करती है।
3. ATM / UPI से PF Withdrawal कब शुरू होगा?
कई लोग ATM या UPI से तुरंत PF निकालने की सुविधा का इंतज़ार कर रहे हैं।
फिलहाल यह सुविधा पूरी तरह शुरू नहीं हुई है। सरकार और श्रम मंत्रालय के अनुसार, ATM और UPI के ज़रिये PF Withdrawal की सुविधा मार्च 2026 तक सभी के लिए शुरू कर दी जाएगी।
इसके बाद PF निकालना बैंक से पैसे निकालने जितना आसान हो सकता है।
4. संक्षेप में नियमों की स्थिति
| बदलाव | स्थिति |
|---|---|
| PF Withdrawal के नए आसान नियम | लागू (2025 से) |
| नौकरी जाने पर 75% PF निकासी | लागू |
| 12 महीने की न्यूनतम सेवा | लागू |
| 25% Minimum Balance Rule | लागू |
| EPS पेंशन नियमों में बदलाव | लागू |
| ATM / UPI से PF Withdrawal | मार्च 2026 तक संभावित |
निष्कर्ष
2025 में लागू किए गए PF Withdrawal के नए नियमों का उद्देश्य कर्मचारियों के लिए प्रक्रिया को सरल बनाना और भविष्य की बचत को सुरक्षित रखना है। हालांकि कुछ सुविधाएँ अभी शुरू नहीं हुई हैं, लेकिन आने वाले समय में PF से जुड़ी सेवाएँ और आसान हो जाएँगी।
तो पीएफ विड्रोल के मार्च 2026 तक लागू हो सकते हैं क्योंकि इसी समय पर श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंदारिया जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मार्च 2026 तक वह यूपीआई और एटीएम की सुविधा लागू कर सकते हैं और जैसे ही यूपीआई और एटीएम की सुविधा लागू हो जाएगी तो नया नियम भी लागू हो ही जाएगा.
अगर आप PF Withdrawal करने की सोच रहे हैं, तो आवेदन से पहले इन नए नियमों को समझना बहुत जरूरी है ताकि आपको किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।