
Rejoin Same Company : आज के समय में कई कर्मचारी बेहतर अवसर, निजी कारणों या अन्य परिस्थितियों के कारण नौकरी बदलते रहते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि कर्मचारी किसी कंपनी को छोड़ देता है और कुछ समय बाद फिर उसी कंपनी में दोबारा जॉइन कर लेता है। ऐसी स्थिति में अक्सर PF (Provident Fund) से जुड़ी एक सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण समस्या सामने आ जाती है।
अगर कंपनी के अकाउंट विभाग या HR को सही प्रक्रिया की जानकारी नहीं होती, तो वे पुराने Member ID में ही नई नौकरी का PF जमा करना शुरू कर देते हैं। शुरुआत में यह समस्या दिखाई नहीं देती, लेकिन जब कर्मचारी PF निकालने या ट्रांसफर करने की कोशिश करता है तब रिकॉर्ड में गड़बड़ी सामने आती है और ऑनलाइन क्लेम रिजेक्ट भी हो सकता है।
इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि यह समस्या क्यों होती है, इसके पीछे क्या कारण होते हैं और इसे ठीक करने के सही और कानूनी तरीके क्या हैं।
समस्या क्यों होती है
जब कोई कर्मचारी किसी कंपनी में काम करना बंद कर देता है, तो कंपनी उसकी PF प्रोफाइल में Exit Date दर्ज कर देती है। यह Exit Date यह बताती है कि कर्मचारी ने उस कंपनी में किस तारीख तक काम किया।
अगर वही कर्मचारी कुछ महीनों या वर्षों बाद उसी कंपनी में दोबारा जॉइन करता है, तो PF के नियमों के अनुसार उसके लिए नया Member ID बनाया जाना चाहिए। हालांकि उसका UAN (Universal Account Number) वही रहता है, लेकिन Member ID नई नौकरी के लिए अलग होता है।
लेकिन कई बार अकाउंटेंट या HR पुराने रिकॉर्ड को ही जारी रखते हुए उसी पुराने Member ID में PF जमा करते रहते हैं। इससे PF सिस्टम में ऐसा दिखाई देता है जैसे कर्मचारी लगातार उसी नौकरी में काम कर रहा है, जबकि वास्तव में उसने बीच में नौकरी छोड़ी थी।
यही कारण है कि बाद में PF क्लेम, ट्रांसफर या अन्य सेवाओं के दौरान Error आने लगते हैं।
इस समस्या के कारण क्या दिक्कतें आती हैं
जब PF रिकॉर्ड में सही जॉइनिंग और एग्जिट डेट दर्ज नहीं होती, तो कर्मचारी को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उदाहरण के लिए:
- ऑनलाइन PF क्लेम रिजेक्ट हो सकता है
- PF ट्रांसफर प्रक्रिया अटक सकती है
- पासबुक में गलत जानकारी दिखाई दे सकती है
- भविष्य में पेंशन से जुड़ी गणना पर भी असर पड़ सकता है
इसलिए PF रिकॉर्ड को सही करना बहुत जरूरी हो जाता है।
इस समस्या को ठीक करने के दो मुख्य तरीके
ऐसी स्थिति को ठीक करने के लिए आमतौर पर दो प्रमुख विकल्प उपलब्ध होते हैं। कर्मचारी और कंपनी मिलकर इनमें से किसी एक तरीके को अपनाकर PF रिकॉर्ड को सही कर सकते हैं।
1. Joint Declaration Form के जरिए सुधार
पहला और सबसे सामान्य तरीका है Joint Declaration Form भरना। यह एक आधिकारिक फॉर्म होता है जिसे कर्मचारी और कंपनी दोनों मिलकर भरते हैं। इसके जरिए PF रिकॉर्ड में मौजूद गलत जानकारी को सही कराया जाता है।
इस फॉर्म के माध्यम से निम्न जानकारी में सुधार किया जा सकता है:
- जॉइनिंग डेट
- एग्जिट डेट
- नाम या अन्य बेसिक डिटेल
उदाहरण के तौर पर मान लीजिए:
- आपने 2016 में कंपनी जॉइन की
- 2017 में नौकरी छोड़ दी
- फिर 2019 में उसी कंपनी में दोबारा जॉइन किया
अगर PF रिकॉर्ड में यह जानकारी सही तरीके से दर्ज नहीं हुई है, तो Joint Declaration Form के माध्यम से पुरानी और नई नौकरी से जुड़ी जानकारी को ठीक किया जा सकता है।
मतलब अपने 2019 में दोबारा जॉब ज्वाइन की है और 2024 में अगर कंपनी छोड़ी है तो आपकी पुरानी मेंबर आईडी में न्यू जॉइनिंग डेट जो जो 2016 थी उसकी जगह 2019 की जाएगी और जो अपने 2017 में कंपनी छोड़ी है उसकी जगह न्यू रिजाइन डेट 2024 की जाएगी |
इस जानकारी को आप नीचे दी गई टेबल के हिसाब से समझ सकते हैं, नई जानकारी जॉइन डिक्लेरेशन फॉर्म के द्वारा की जाएगी, नीचे दी गई जानकारी मात्र उदाहरण के लिए है..
| मेंबर आईडी | पुरानी Date of Joining | पुरानी Date of Exit | नई Date of Joining | नई Date of Exit |
| ABCD1233458798 | 1 जनवरी 2016 | 25 मार्च 2017 | 5 जून 2019 | 31 दिसंबर 2024 |
2. नया Member ID बनवाना
दूसरा विकल्प यह है कि कंपनी कर्मचारी के लिए नया Member ID बना दे। नियोक्ता के द्वारा दूसरी मेंबर आईडी बनाने के बाद और एक कंपनी के लेटर पैड पर कुछ इस तरह का मैटर लिखना होगा कि इस कर्मचारी ने हमारी कंपनी में दोबारा से जॉइनिंग की हमारी गलती के कारण हमने पुरानी ही मेंबर आईडी में दोबारा से पीएफ जमा करना चालू कर दिया | जबकि पुरानी मेंबर आईडी से इन्होंने एक बार फॉर्म 19 और 10C के द्वारा पैसा निकल चुके हैं , अब हमने इन कर्मचारियों की एक नई मेंबर आईडी बना दी है इसमें दोबारा जॉइनिंग से लेकर अब तक का नई मेंबर आईडी में पैसा ट्रांसफर कर दिया जाए इस तरह का मैटर कंपनी के लेटर पैड पर लिखा जाता है
कंपनी के लेटर पैड पर आप यह मैटर लिखवा सकते हैं इसको डायरेक्ट आप कॉपी पेस्ट कर सकते हैं बस अपनी पर्सनल जानकारी को दर्ज करना होगा :-
To,
The Regional Provident Fund Commissioner
Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO)
[Region / City Name]
Subject: Request for Correction in Date of Joining / Date of Exit and Transfer of PF Contribution
Respected Sir/Madam,
This is to inform you that our employee Mr./Ms. [Employee Name], UAN [UAN Number], was earlier associated with our establishment and had withdrawn his/her PF amount through Form-19 & Form-10C from Member ID [Old Member ID] after leaving the organization.
Later, the employee rejoined our establishment on [Rejoining Date]. However, due to an inadvertent clerical/administrative error from the employer side, PF contributions were mistakenly deposited in the old Member ID [Old Member ID], even though the account had already been settled earlier.
After noticing the error, we have now generated a new Member ID [New Member ID] for the said employee under the same UAN.
Therefore, we humbly request your good office to kindly:
• Correct the Date of Joining and Date of Exit in the old Member ID.
• Allow the transfer/adjustment of PF contributions deposited after the rejoining date from the old Member ID to the new Member ID.
• Update the EPFO records accordingly.
The above mistake occurred unintentionally due to administrative oversight. We sincerely request your kind support to rectify the records.
Thanking you.
Yours faithfully,
For [Company Name]
Authorized Signatory
Name: ____________________
Designation: ____________________
Company Seal & Signature
Employee Details
Employee Name : ____________________
UAN Number : ____________________
Old Member ID : ____________________
New Member ID : ____________________
Date of Rejoining : ____________________
Mobile Number : ____________________
लेटर के साथ ये डॉक्यूमेंट लगा दें:
Employee Aadhaar Copy
UAN Passbook
Old & New Member ID Details
Employer Authorized Signatory ID Proof
इसके बाद कर्मचारी पुराने PF बैलेंस को नए Member ID में ट्रांसफर कर सकता है। जब ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो पूरा PF बैलेंस एक ही खाते में दिखाई देने लगता है। इससे भविष्य में PF निकालने या ट्रांसफर करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती।
कौन सा विकल्प चुनना चाहिए
कौन सा तरीका अपनाना बेहतर होगा, यह कई बातों पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए:
- कंपनी की आंतरिक प्रक्रिया क्या है
- संबंधित PF ऑफिस किस तरीके को प्राथमिकता देता है
- रिकॉर्ड में कितनी बड़ी गलती है
इसलिए सबसे पहले कंपनी के HR या अकाउंट विभाग से बात करना जरूरी होता है। आमतौर पर कंपनियों ने पहले भी ऐसे मामलों को संभाला होता है, इसलिए उन्हें सही प्रक्रिया की जानकारी होती है।
क्या यह काम पूरी तरह ऑनलाइन हो सकता है ?
कई लोग सोचते हैं कि PF से जुड़ी हर समस्या को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ठीक किया जा सकता है। हालांकि यह पूरी तरह सही नहीं है।
कुछ मामलों में रिकॉर्ड सुधार के लिए दस्तावेज तैयार करके कंपनी के माध्यम से PF ऑफिस में जमा करने पड़ते हैं। इसके बाद PF अधिकारी उन दस्तावेजों की जांच करके रिकॉर्ड अपडेट करते हैं।
हालांकि कुछ छोटी गलतियों को ऑनलाइन भी ठीक किया जा सकता है, लेकिन जॉइनिंग और एग्जिट डेट जैसी बड़ी जानकारी के लिए अक्सर ऑफलाइन प्रक्रिया अपनानी पड़ती है।
निष्कर्ष
अगर आपने किसी कंपनी में नौकरी छोड़ने के बाद उसी कंपनी में दोबारा जॉइन किया है और PF से जुड़ी कोई समस्या आ रही है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह एक सामान्य स्थिति है और बहुत से कर्मचारियों के साथ ऐसा होता है।
Joint Declaration Form भरकर या नया Member ID बनवाकर PF रिकॉर्ड को आसानी से सही किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले अपनी कंपनी के HR या अकाउंट विभाग से संपर्क करें और आवश्यक दस्तावेज तैयार करवाएं। सही प्रक्रिया अपनाने से आपका PF रिकॉर्ड अपडेट हो जाएगा और भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
1. क्या दोबारा जॉइन करने पर नया PF अकाउंट बनाना जरूरी है ?
आमतौर पर दोबारा जॉइन करने पर नया Member ID बनाया जाता है, लेकिन कर्मचारी का UAN वही रहता है और उसी से सभी Member ID जुड़े रहते हैं।
2. Joint Declaration Form क्या होता है ?
यह एक आधिकारिक फॉर्म होता है जिसके जरिए कर्मचारी और कंपनी मिलकर PF रिकॉर्ड में मौजूद गलती को ठीक करवाते हैं।
3. क्या PF की यह समस्या ऑनलाइन ठीक हो सकती है ?
कुछ मामलों में नहीं। कई बार कंपनी के माध्यम से दस्तावेज तैयार करके PF ऑफिस में जमा करने पड़ते हैं।
4. क्या पुराने PF बैलेंस को नए Member ID में ट्रांसफर किया जा सकता है ?
हाँ, पुराने PF बैलेंस को नए Member ID में ट्रांसफर किया जा सकता है ताकि पूरा पैसा एक ही खाते में दिखाई दे और भविष्य में क्लेम करना आसान हो जाए।
5. अगर कंपनी सहयोग नहीं करे तो क्या करें ?
ऐसी स्थिति में कर्मचारी सीधे PF ऑफिस जाकर अपनी समस्या बता सकता है और आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकता है।
6. क्या एक UAN के अंदर कई Member ID हो सकते हैं ?
हाँ, एक UAN के अंदर कई Member ID हो सकते हैं। जब भी कर्मचारी नई कंपनी में नौकरी करता है तो नया Member ID बन सकता है लेकिन UAN वही रहता है।