
EPFO Inactive Account : भारत में संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) एक दीर्घकालिक बचत और सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद आर्थिक स्थिरता प्रदान करना है। यह केवल एक अनिवार्य कटौती नहीं, बल्कि भविष्य के लिए तैयार की जा रही पूंजी है। नौकरी बदलते समय अक्सर कर्मचारी नई भूमिका, वेतन वृद्धि और करियर ग्रोथ पर ध्यान देते हैं, लेकिन अपने पुराने पीएफ खाते को नई कंपनी में ट्रांसफर करना भूल जाते हैं या उसे टाल देते हैं। पहली नजर में यह लापरवाही मामूली लग सकती है, क्योंकि पैसा खाते में सुरक्षित रहता है और उस पर ब्याज भी मिलता है।
हालांकि, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमों, आयकर प्रावधानों और पेंशन संबंधी शर्तों को समझे बिना लिया गया यह निर्णय भविष्य में टैक्स देनदारी, सेवा निरंतरता और पेंशन लाभ पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इस लेख में हम मौजूदा नियमों के आधार पर विस्तार से समझेंगे कि पुराने PF खाते को ट्रांसफर न करना क्यों एक वित्तीय गलती साबित हो सकता है।
1. क्या इनएक्टिव (Inactive) PF खाते पर ब्याज मिलता है ?
EPFO के संशोधित नियमों (2016 के बाद लागू बदलाव) के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है और उसके खाते में आगे अंशदान (Contribution) बंद हो जाता है, तो भी वह खाता पूरी तरह निष्क्रिय नहीं माना जाता। ऐसे खाते पर 58 वर्ष की आयु तक ब्याज मिलता रहता है।
पहले व्यवस्था यह थी कि यदि लगातार 3 वर्ष तक कोई अंशदान नहीं होता था, तो ब्याज मिलना बंद हो जाता था। लेकिन नियमों में बदलाव के बाद कर्मचारियों को राहत दी गई और ब्याज जारी रखने का प्रावधान किया गया।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि ब्याज मिलना और उसका टैक्स-फ्री होना दो अलग बातें हैं। नौकरी छोड़ने के बाद मिलने वाला ब्याज कर नियमों के अनुसार अलग तरीके से देखा जा सकता है, खासकर यदि खाता लंबे समय तक ट्रांसफर या क्लेम नहीं किया गया हो।
2. नौकरी छोड़ने के बाद ब्याज पर टैक्स कैसे लागू हो सकता है ?
जब तक कर्मचारी सक्रिय रूप से नौकरी में है और नियमित रूप से PF में अंशदान हो रहा है, तब तक EPF पर मिलने वाला ब्याज आयकर अधिनियम की संबंधित धाराओं के अंतर्गत छूट की श्रेणी में आता है (निर्धारित सीमा तक)।
लेकिन जैसे ही कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है और अपने PF खाते को न तो नई कंपनी में ट्रांसफर करता है और न ही निकालता है, तो स्थिति बदल सकती है। नौकरी छोड़ने की तारीख के बाद खाते में जमा होने वाला ब्याज “अन्य स्रोत से आय” (Income from Other Sources) के रूप में जोड़ा जा सकता है।
इसका अर्थ है:
- वह ब्याज आपकी कुल वार्षिक आय में शामिल हो सकता है।
- आप जिस टैक्स स्लैब (5%, 20%, 30% आदि) में आते हैं, उसी के अनुसार कर देनदारी बन सकती है।
- यदि समय पर आयकर रिटर्न में इसे घोषित नहीं किया गया, तो भविष्य में नोटिस या पेनल्टी की संभावना भी बन सकती है।
इसके अतिरिक्त, यदि कर्मचारी 5 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी करने से पहले PF की निकासी करता है, तो निकासी राशि पर TDS काटा जा सकता है (नियमों और राशि के अनुसार)। इसलिए सेवा अवधि और ट्रांसफर का सही रिकॉर्ड रखना आवश्यक है।
3. 5 वर्ष की निरंतर सेवा (Continuous Service) क्यों है महत्वपूर्ण ?
EPF नियमों में 5 वर्ष की लगातार सेवा एक महत्वपूर्ण सीमा मानी जाती है। यदि कर्मचारी कुल 5 वर्ष या उससे अधिक की निरंतर सेवा पूरी कर लेता है, तो सामान्य परिस्थितियों में PF निकासी टैक्स-फ्री मानी जाती है (लागू शर्तों के अधीन)।
यहां “निरंतर सेवा” का अर्थ केवल एक ही कंपनी में काम करना नहीं है। यदि आप नौकरी बदलते समय अपना PF बैलेंस नई कंपनी में ट्रांसफर कर देते हैं, तो आपकी पिछली सेवा अवधि नई सेवा में जुड़ जाती है।
उदाहरण:
- 3 वर्ष पुरानी कंपनी में सेवा
- 2 वर्ष नई कंपनी में सेवा
= कुल 5 वर्ष निरंतर सेवा (यदि PF ट्रांसफर किया गया हो)
लेकिन यदि आपने PF ट्रांसफर नहीं किया और दोनों खाते अलग-अलग रखे, तो प्रत्येक खाते के लिए सेवा अवधि अलग मानी जा सकती है। ऐसे में 5 वर्ष की शर्त पूरी न होने पर निकासी टैक्स के दायरे में आ सकती है।
इसलिए, ट्रांसफर केवल सुविधा नहीं, बल्कि टैक्स प्लानिंग का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।
4. पेंशन (EPS) पर क्या पड़ता है प्रभाव ?
EPF का एक निर्धारित हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जमा किया जाता है। EPS के अंतर्गत पेंशन पाने के लिए सामान्यतः कम से कम 10 वर्ष की पेंशन योग्य सेवा आवश्यक मानी जाती है।
जब आप PF ट्रांसफर करते हैं, तो आपकी पेंशन योग्य सेवा (Pensionable Service) भी जुड़ती रहती है। इससे भविष्य में पेंशन के लिए पात्रता बनाए रखने में मदद मिलती है।
यदि आप ट्रांसफर नहीं करते:
- सेवा अवधि का रिकॉर्ड बिखर सकता है।
- 10 वर्ष की न्यूनतम पेंशन योग्य सेवा पूरी करने में कठिनाई आ सकती है।
- भविष्य में पेंशन क्लेम करते समय दस्तावेजी जटिलताएं बढ़ सकती हैं।
इस प्रकार, PF ट्रांसफर केवल बचत नहीं बल्कि रिटायरमेंट आय की योजना से भी जुड़ा हुआ निर्णय है।
5. कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) का छिपा हुआ लाभ
जब आपका पूरा PF बैलेंस एक ही सक्रिय खाते में बना रहता है, तो उस पर मिलने वाला ब्याज मूलधन में जुड़ता जाता है और अगली अवधि में उसी बढ़ी हुई राशि पर फिर ब्याज मिलता है। इसे चक्रवृद्धि प्रभाव (Compounding Effect) कहते हैं।
यदि खाते बिखरे हुए हों या निष्क्रिय स्थिति में पड़े रहें, तो न केवल ट्रैकिंग मुश्किल होती है बल्कि लंबी अवधि में वित्तीय योजना भी प्रभावित हो सकती है। एकीकृत और ट्रांसफर किया गया खाता बेहतर प्रबंधन और स्पष्ट रिकॉर्ड सुनिश्चित करता है।
6. सही समाधान क्या है ?
सबसे सुरक्षित और व्यावहारिक तरीका है — “एक UAN, एक सक्रिय PF खाता” के सिद्धांत पर चलना।
नौकरी बदलने के तुरंत बाद आपको:
- सुनिश्चित करना चाहिए कि आपका UAN नई कंपनी में लिंक हो गया है।
- EPFO पोर्टल पर लॉगिन कर ऑनलाइन PF ट्रांसफर अनुरोध दर्ज करें।
- आवश्यक सत्यापन (Employer Approval) की स्थिति जांचते रहें।
- ट्रांसफर पूर्ण होने के बाद पासबुक में एंट्री मिलान करें।
इससे आपको निम्न लाभ मिलते हैं:
- सेवा की निरंतरता बनी रहती है।
- 5 वर्ष की शर्त पूरी करने में आसानी होती है।
- पेंशन योग्य सेवा सुरक्षित रहती है।
- टैक्स जटिलताओं से बचाव होता है।
- दीर्घकाल में अधिक चक्रवृद्धि लाभ मिलता है।
निष्कर्ष
पुराना PF खाता बिना ट्रांसफर किए छोड़ देना एक छोटी चूक लग सकती है, लेकिन इसका असर टैक्स देनदारी, सेवा निरंतरता और पेंशन पात्रता पर पड़ सकता है। भले ही 58 वर्ष तक ब्याज मिलता रहे, परंतु नौकरी छोड़ने के बाद जमा होने वाला ब्याज कर योग्य हो सकता है।
समय पर PF ट्रांसफर करना एक जिम्मेदार वित्तीय कदम है, जो आपके रिटायरमेंट फंड को व्यवस्थित, सुरक्षित और कर-कुशल (Tax Efficient) बनाता है। इसलिए नौकरी बदलते समय ऑफर लेटर और जॉइनिंग के साथ-साथ PF ट्रांसफर को भी प्राथमिकता दें।
(यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। व्यक्तिगत कर या निवेश निर्णय लेने से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।)
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. क्या इनएक्टिव PF खाते पर 58 वर्ष तक ब्याज मिलता है ?
हाँ, मौजूदा नियमों के अनुसार 58 वर्ष की आयु तक ब्याज मिलता है, बशर्ते खाता EPFO के रिकॉर्ड में वैध बना रहे।
Q2. क्या नौकरी छोड़ने के बाद भी पूरा ब्याज टैक्स-फ्री रहता है ?
नौकरी छोड़ने के बाद मिलने वाला ब्याज कर नियमों के अनुसार “अन्य स्रोत से आय” के रूप में जोड़ा जा सकता है। यह आपकी कर स्थिति पर निर्भर करेगा।
Q3. 5 वर्ष की सेवा पूरी न होने पर PF निकासी पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
यदि कुल निरंतर सेवा 5 वर्ष से कम है, तो निकासी पर TDS और आयकर लागू हो सकता है (नियमों और राशि के अनुसार)।
Q4. क्या PF ट्रांसफर पूरी तरह ऑनलाइन किया जा सकता है ?
हाँ, UAN के माध्यम से EPFO पोर्टल पर लॉगिन कर ऑनलाइन ट्रांसफर अनुरोध किया जा सकता है, जिसमें डिजिटल सत्यापन की सुविधा उपलब्ध है।
Q5. क्या PF ट्रांसफर न करने से पेंशन पर असर पड़ता है ?
हाँ, ट्रांसफर न करने से पेंशन योग्य सेवा की निरंतरता प्रभावित हो सकती है, जिससे भविष्य में पेंशन पात्रता पर असर पड़ सकता है।
Q6. क्या एक से अधिक PF खाते रखना गलत है ?
नियमों के अनुसार एक UAN के अंतर्गत एक ही सक्रिय PF खाता रखना बेहतर है। कई खातों के कारण रिकॉर्ड और सेवा अवधि में भ्रम की स्थिति बन सकती है।
My old PF MH 16668/638 is before alloting UAN is now i want to UAN. GOLIBAR MAIDAN PUNE Now i am 60 from last 2 years i follow up to pf office for tr of my amount so i able for pension but there is no response what i can do
abi apko sabse phle apna UAN Genrate karbana hai ya pf office se lena hai ,,. ek bar ap hme insta pr message kijiyga apka uan Genrate krne ka try krte hai online,,insta id epf manoj gyan