
PF Withdrawal New Rules 2026 : अगर आप नौकरी करते हैं और हर महीने आपकी सैलरी से PF कटता है, तो आपके लिए साल 2026 में लागू हुए EPFO के नए नियमों को समझना बहुत जरूरी है। खासकर उन कर्मचारियों के लिए जो नौकरी छोड़ने के बाद अपना पूरा PF निकालने की सोच रहे हैं या जरूरत पड़ने पर PF से एडवांस लेना चाहते हैं।
अब EPFO ने PF निकासी से जुड़े नियमों को आसान बनाने के साथ-साथ एक ऐसी व्यवस्था भी लागू की है, जिसमें कर्मचारी अपने PF बैलेंस का 75% हिस्सा निकाल सकता है, जबकि बाकी 25% हिस्सा खाते में सुरक्षित रखना जरूरी है।
तो आखिर 2026 के नए नियमों में क्या बदलाव हुआ है? किस परिस्थिति में 75% पैसा निकलेगा? बचा हुआ 25% कब मिलेगा? क्या नौकरी छोड़ने के बाद भी यही नियम लागू होगा? आइए, एक-एक करके पूरी जानकारी समझते हैं।
1. PF Withdrawal New Rules 2026 में क्या बदलाव हुआ ?
EPFO के Central Board of Trustees (CBT) ने 13 अक्टूबर 2025 को हुई अपनी 238वीं बैठक में PF की आंशिक निकासी से जुड़े नियमों को सरल बनाने का फैसला किया था। इसके बाद नए नियमों को Employees’ Provident Funds Scheme, 2026 के तहत लागू किया गया।
पहले PF से पैसा निकालने के लिए अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से कई नियम थे। कहीं 5 साल की नौकरी जरूरी थी, तो कहीं 7 साल की सदस्यता पूरी करनी पड़ती थी। इससे कर्मचारियों को नियम समझने और क्लेम करने में परेशानी होती थी।
अब इन 13 अलग-अलग प्रावधानों को तीन प्रमुख श्रेणियों में व्यवस्थित किया गया है।
| नई श्रेणी | किन जरूरतों के लिए PF निकाल सकते हैं? |
|---|---|
| Essential Needs | बीमारी, बच्चों की पढ़ाई और शादी |
| Housing Needs | मकान खरीदना, निर्माण, होम लोन और मरम्मत |
| Special Circumstances | निर्धारित विशेष परिस्थितियों में निकासी |
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब कर्मचारियों को PF एडवांस के लिए पहले की तुलना में कम जटिल पात्रता शर्तों का सामना करना पड़ेगा।
2. सिर्फ 75% PF ही क्यों निकाल सकते हैं ?
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल पर आते हैं। आखिर EPFO ने PF बैलेंस का 25% हिस्सा खाते में रखना क्यों जरूरी किया है?
मान लीजिए किसी कर्मचारी के PF खाते में कर्मचारी और नियोक्ता के योगदान तथा उस पर मिले ब्याज को मिलाकर कुल ₹2,00,000 जमा हैं।
नए नियम के अनुसार, सामान्य आंशिक निकासी की स्थिति में वह अधिकतम 75% यानी ₹1,50,000 तक निकाल सकता है। बाकी ₹50,000 खाते में सुरक्षित रहेंगे।
| PF खाते में कुल बैलेंस | निकासी की अधिकतम सीमा (75%) | सुरक्षित बैलेंस (25%) |
|---|---|---|
| ₹50,000 | ₹37,500 | ₹12,500 |
| ₹1,00,000 | ₹75,000 | ₹25,000 |
| ₹2,00,000 | ₹1,50,000 | ₹50,000 |
| ₹3,00,000 | ₹2,25,000 | ₹75,000 |
| ₹5,00,000 | ₹3,75,000 | ₹1,25,000 |
यहां ध्यान रखें कि ये उदाहरण हैं। वास्तविक क्लेम की रकम संबंधित श्रेणी की पात्रता, उपलब्ध बैलेंस और लागू शर्तों पर निर्भर करेगी।
25% पैसा रोकने के पीछे EPFO की सोच क्या है?
EPFO चाहता है कि कर्मचारी अपनी जरूरतों के लिए PF का इस्तेमाल भी कर सकें और भविष्य के लिए कुछ रकम सुरक्षित भी रहे।
3. PF निकालने के लिए कितने महीने की नौकरी जरूरी है ?
नए नियमों में एक बड़ा बदलाव न्यूनतम सर्विस पीरियड को लेकर भी किया गया है। पहले कुछ मामलों में PF एडवांस लेने के लिए 5 साल या 7 साल तक की सदस्यता जरूरी होती थी।
अब सामान्य आंशिक निकासी के लिए कुल 12 महीने की PF सदस्यता की शर्त रखी गई है।
| PF निकालने का कारण | न्यूनतम सदस्यता |
|---|---|
| बीमारी | 12 महीने |
| बच्चों की पढ़ाई | 12 महीने |
| शादी | 12 महीने |
| मकान खरीदना या बनवाना | 12 महीने |
| होम लोन चुकाना | 12 महीने |
| मकान की मरम्मत | 12 महीने |
| विशेष परिस्थितियां | 12 महीने |
4. बीमारी, शादी और पढ़ाई के लिए कितना PF निकाल सकते हैं ?
EPFO ने कर्मचारियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए Essential Needs की श्रेणी बनाई है। इसमें बीमारी, शिक्षा और शादी को शामिल किया गया है।
इस श्रेणी की सबसे खास बात यह है कि पात्र कर्मचारी 25% न्यूनतम बैलेंस सुरक्षित रखने के बाद बची हुई पूरी पात्र राशि निकालने के लिए आवेदन कर सकता है।
निकासी की संख्या भी अलग-अलग तय की गई है।
| जरूरत | कितनी बार निकासी कर सकते हैं? |
|---|---|
| बीमारी (स्वयं या परिवार) | एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 3 बार |
| बच्चों या स्वयं की पढ़ाई | सदस्यता के दौरान 10 बार तक |
| स्वयं या परिवार में शादी | सदस्यता के दौरान 5 बार तक |
उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी के PF खाते में ₹4 लाख हैं, तो सामान्य पात्रता के अनुसार ₹1 लाख न्यूनतम बैलेंस रहेगा और ₹3 लाख तक की पात्र निकासी संभव हो सकती है।
5. मकान खरीदने और होम लोन के लिए क्या नियम हैं ?
कई कर्मचारी वर्षों तक नौकरी करने के बाद अपना घर खरीदने का सपना देखते हैं। ऐसे कर्मचारियों के लिए भी नए PF नियमों में सुविधाएं दी गई हैं।
अब निर्धारित शर्तों के अंतर्गत PF की राशि का इस्तेमाल इन कामों के लिए किया जा सकता है:
नया मकान या फ्लैट खरीदने के लिए।
अपने मकान का निर्माण करवाने के लिए।
होम लोन का भुगतान करने के लिए।
पुराने मकान में मरम्मत, बदलाव या सुधार करवाने के लिए।
इन सभी आवास संबंधी जरूरतों के लिए सामान्य पात्रता के अनुसार 12 महीने की PF सदस्यता जरूरी है। सदस्यता के दौरान इस श्रेणी में अधिकतम 5 बार निकासी की जा सकती है।
यहां भी न्यूनतम 25% बैलेंस सुरक्षित रखने की शर्त लागू होगी। इसलिए यह समझना जरूरी है कि मकान खरीदने के लिए आवेदन करने का मतलब यह नहीं है कि खाते में मौजूद पूरी रकम अपने आप मिल जाएगी।
6. नौकरी छूटने पर 75% PF कब निकाल सकते हैं ?
अब उस नियम को समझते हैं जिसके बारे में सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है।
मान लीजिए किसी कर्मचारी की नौकरी चली जाती है और फिलहाल उसके पास दूसरी नौकरी नहीं है। ऐसी स्थिति में EPFO की घोषित व्यवस्था के अनुसार कर्मचारी अपने PF बैलेंस का 75% हिस्सा तुरंत निकाल सकता है।
बाकी 25% राशि को एक साल की बेरोजगारी की अवधि पूरी होने के बाद निकालने का प्रावधान बताया गया है।
इसे एक उदाहरण से समझिए।
| विवरण | रकम |
|---|---|
| कुल PF बैलेंस | ₹2,00,000 |
| तुरंत निकासी (75%) | ₹1,50,000 |
| सुरक्षित शेष (25%) | ₹50,000 |
| एक साल की बेरोजगारी के बाद | शेष ₹50,000 की निकासी का प्रावधान |
इसका सीधा मतलब है कि नौकरी छूटने पर कर्मचारी को पैसों के लिए पूरी तरह इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वह तत्काल अपनी जरूरत के लिए 75% रकम प्राप्त कर सकता है।
हालांकि, बेरोजगारी के दौरान शेष रकम निकालने की पात्रता और स्थिति को क्लेम करते समय लागू नियमों के अनुसार जांचना जरूरी है।
7. क्या 100% PF निकालने का विकल्प भी मिलेगा ?
जी हां, नए नियमों में कुछ विशेष परिस्थितियों में PF का पूरा बैलेंस निकालने की अनुमति भी है।
उदाहरण के लिए:
निर्धारित आयु पर रिटायरमेंट।
स्थायी दिव्यांगता।
काम करने में स्थायी अक्षमता।
छंटनी (Retrenchment)।
स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति।
भारत को स्थायी रूप से छोड़कर विदेश जाना।
इन परिस्थितियों में लागू शर्तें पूरी होने पर 25% न्यूनतम बैलेंस रखने की सामान्य बाध्यता से अलग पूर्ण निकासी का प्रावधान है।
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि EPFO ने हर कर्मचारी के लिए 25% पैसा हमेशा के लिए रोक दिया है। यह नियम मुख्य रूप से सामान्य आंशिक निकासी की व्यवस्था से जुड़ा है।
8. क्या नए नियमों से EPS पेंशन पर भी असर पड़ेगा ?
कई कर्मचारियों के मन में यह सवाल भी रहता है कि जब PF निकासी के नियम बदल रहे हैं, तो क्या पेंशन यानी EPS का पैसा भी इसी तरह निकाला जा सकेगा?
इसका जवाब है कि EPF और EPS दोनों अलग-अलग खाते और योजनाएं हैं।
EPF में कर्मचारी और नियोक्ता का PF योगदान तथा उस पर ब्याज जमा होता है।
EPS में नियोक्ता के योगदान का निर्धारित हिस्सा पेंशन के लिए जाता है।
75% और 25% वाली न्यूनतम बैलेंस व्यवस्था को सीधे EPS पेंशन बैलेंस पर लागू नहीं समझना चाहिए।
10 साल से कम पेंशन योग्य सेवा होने पर लागू शर्तों के अनुसार EPS निकासी लाभ मिल सकता है।
10 साल या उससे अधिक पेंशन योग्य सेवा होने पर सामान्यतः मासिक पेंशन के लिए पात्रता और Scheme Certificate के नियम लागू होते हैं।
इसलिए PF निकालने से पहले EPF और EPS की रकम को अलग-अलग समझना बहुत जरूरी है।
9. PF निकालने के लिए कौन-सा फॉर्म भरना होगा ?
| क्लेम का उद्देश्य | संबंधित फॉर्म |
|---|---|
| नौकरी के दौरान PF एडवांस | Form 31 |
| नौकरी छोड़ने के बाद PF सेटलमेंट | Form 19 |
| EPS पेंशन निकासी लाभ | Form 10C |
| मासिक पेंशन | Form 10D |
| PF ट्रांसफर | Form 13 |
ऑनलाइन क्लेम करने से पहले अपना UAN, आधार, बैंक अकाउंट और KYC विवरण जरूर जांच लें। बैंक खाते में नाम और अन्य जानकारी सही होने से क्लेम में परेशानी की संभावना कम होती है।
10. PF Withdrawal New Rules 2026: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. क्या 2026 में हर कर्मचारी सिर्फ 75% PF ही निकाल सकता है ?
नहीं। सामान्य आंशिक निकासी में 25% न्यूनतम बैलेंस सुरक्षित रखना होगा। कुछ विशेष परिस्थितियों में पूरा PF निकालने की अनुमति भी है।
Q2. क्या बचा हुआ 25% पैसा हमेशा के लिए EPFO के पास रहेगा ?
नहीं। यह पैसा कर्मचारी का ही रहता है। बेरोजगारी की स्थिति में निर्धारित एक साल की अवधि पूरी होने पर शेष रकम निकालने का प्रावधान है। इसके अलावा निर्धारित पूर्ण निकासी वाली परिस्थितियां भी हैं।
Q3. क्या नई कंपनी में नौकरी जॉइन करने पर 25% पैसा निकाल सकते हैं ?
यदि आप दूसरी कंपनी में नौकरी जॉइन कर लेते हैं, तो केवल पुरानी कंपनी छोड़ने के आधार पर शेष 25% निकालने का अधिकार नहीं मिल जाता। PF ट्रांसफर करना सामान्यतः बेहतर विकल्प है।
Q4. क्या बच्चों की पढ़ाई के लिए 100% PF निकाल सकते हैं ?
25% न्यूनतम बैलेंस सुरक्षित रखने के बाद बची हुई पूरी पात्र राशि तक निकासी की अनुमति है। पढ़ाई के लिए सदस्यता के दौरान अधिकतम 10 बार आवेदन किया जा सकता है।
Q5. क्या शादी के लिए पांच बार PF निकाल सकते हैं ?
हां। नए प्रावधानों के अनुसार स्वयं या परिवार के सदस्यों की शादी के लिए सदस्यता के दौरान अधिकतम पांच बार निकासी की अनुमति है।
Q6. क्या 12 महीने की नौकरी पूरी होने के बाद ही PF निकाल सकते हैं ?
सामान्य आंशिक निकासी के लिए 12 महीने की कुल PF सदस्यता की शर्त है। हालांकि, स्कीम में नौकरी छोड़ने के बाद 12 महीने से कम सदस्यता वाले सदस्यों के लिए भी सीमित निकासी का अलग प्रावधान है।
Q7. क्या 25% नियम EPS पेंशन पर भी लागू होगा ?
नहीं। यह न्यूनतम बैलेंस EPF फंड से संबंधित है। EPS की निकासी और पेंशन के लिए अलग नियम लागू होते हैं।
निष्कर्ष: PF निकालने से पहले यह बात जरूर समझें
EPFO के नए नियम 2026 कर्मचारियों के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आए हैं। पहले जहां PF की निकासी के लिए अलग-अलग शर्तें और लंबे समय की सदस्यता जरूरी होती थी, वहीं अब तीन श्रेणियों के माध्यम से निकासी की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।
लेकिन 75% निकालने और 25% सुरक्षित रखने के पीछे एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है। कर्मचारी आज अपनी जरूरतें पूरी कर सके, लेकिन उसका भविष्य भी पूरी तरह आर्थिक रूप से असुरक्षित न हो।
ध्यान दें: यह लेख EPF Scheme, 2026 और उपलब्ध सरकारी स्पष्टीकरण के आधार पर शैक्षणिक जानकारी के लिए तैयार किया गया है। क्लेम करने से पहले अपनी पात्रता और EPFO पोर्टल पर लागू शर्तों की जांच जरूर करें